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छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय की टीम रायपुर और दुर्ग में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के राजनीतिक सलाहकार और उनके करीबी सहयोगियों के परिसरों की तलाशी ली। देवेंद्र नगर स्थित शासकीय आवासीय परिसर में विनोद वर्मा के घर पर ईडी की कार्रवाई जारी है। विनोद वर्मा के घर के बाहर सीआरपीएफ के जवान भी तैनात हैं। वहीं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के 2 ओएसडी आशीष वर्मा और मनीष बंझोर के भिलाई स्थित घर पर भी ईड ने रेड मारा है। साथ ही कारोबारी विजय भाटिया के घर भी ईडी की टीम ने दबिश दी है। इससे पहले भी कई दफा ईडी ने सीएम के करीबियों पर कार्रवाई की है।
ईडी की तलाशी पर प्रतिक्रिया देते हुए सीएम बघेल ने ट्वीट किया, ‘आदरणीय प्रधानमंत्री और श्री अमित शाह आज मेरे जन्मदिन पर मेरे राजनीतिक सलाहकार और मेरे ओएसडी और करीबी दोस्तों को ईडी भेजकर आपने जो अमूल्य उपहार दिया है। उसके लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।’ वहीं, अधिकारियों ने बताया कि किस मामले के तहत तलाशी चल रही है। इसका अभी पता नहीं चल पाया है। अधिकारियों ने कहा, ‘तलाश अभी भी जारी है। कांग्रेस नेता या करीबी जो ईडी की जांच के दायरे में हैं।
गिरीश देवांगन
रायपुर जिले के खरोरा कस्बे के निवासी गिरीश देवांगन को छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का करीबी सहयोगी माने जाते हैं। बघेल और देवांगन साइंस कॉलेज रायपुर में एक साथ पढ़ते थे। वह फ़िलहाल में कैबिनेट रैंक के साथ छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम (सीएमडीसी) के अध्यक्ष हैं। 2018 विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश अध्यक्ष के रूप में बघेल के कार्यकाल के दौरान वह कांग्रेस महासचिव (संगठन) थे।
देवेन्द्र यादव
भिलाई से विधायक देवेन्द्र यादव की उम्र अब लगभग 30 वर्ष के आसपास है। वह छत्तीसगढ़ में भिलाई नगर निगम के सबसे कम उम्र के मेयर थे। पिछले विधानसभा चुनाव में उन्होंने बीजेपी के वरिष्ठ नेता और छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष प्रेम प्रकाश पांडे को हराया था। उन्होंने पूर्व में कांग्रेस की छात्र शाखा, नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में कार्य किया था। उन्हें हाल ही में अपने स्वयंसेवकों की टीम के साथ विशेष रूप से जम्मू और कश्मीर में पूरी हुई भारत जोड़ो यात्रा के प्रबंधन के लिए पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व से सराहना मिली।
आरपी सिंह
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता आरपी सिंह टीवी डिबेट में पार्टी का प्रतिनिधित्व करते हैं। वह अपने राजनीतिक विरोधियों को दो टूक जवाब देने के लिए जाने जाते हैं। उन्हें पार्टी के उन चंद लोगों में माना जाता है जिनकी मुख्यमंत्री आवास तक सीधी पहुंच है।
विनोद तिवारी
विनोद तिवारी युवा जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जोगी) के प्रदेश अध्यक्ष बने। लेकिन बाद में 2018 विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस में फिर से शामिल हो गए।
सनी अग्रवाल
सनी अग्रवाल को बघेल कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त है। वह छत्तीसगढ़ राज्य भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष भी हैं। जब वह छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रभारी थे तब वह पीएल पुनिया के करीबी माने जाते थे। इससे उन्हें एक महत्वपूर्ण बोर्ड की अध्यक्षता हासिल करने में मदद मिली। वह गिरीश देवांगन और रामगोपाल अग्रवाल (कांग्रेस पार्टी कोषाध्यक्ष) के भी करीबी हैं।
रामगोपाल अग्रवाल
कांग्रेस पार्टी के कोषाध्यक्ष और नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल धमतरी से आते हैं। उन्हें बघेल का बेहद करीबी माने जाते हैं।
चंद्रदेव प्रसाद राय
चंद्रदेव प्रसाद राय 2018 विधानसभा चुनाव से पहले ‘शिक्षाकर्मी आंदोलन’ के नेता थे। उन्हें सबसे पहले बलौदा बाजार जिले के बिलाईगढ़ निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए कांग्रेस का टिकट मिला और वे विधायक बने। ईडी ने उनके ठिकानों पर छापेमारी की और उन्हें पूछताछ के लिए भी बुलाया।
सौम्या चौरसिया
सौम्या चौरसिया 2008 बैच की राज्य सिविल सेवा अधिकारी हैं। सौम्या दुर्ग जिले में तैनात थीं। इसमें पाटन निर्वाचन क्षेत्र (जहां से भूपेश बघेल विधानसभा चुनाव लड़ते हैं) आता है। वह रायपुर नगर निगम में संयुक्त आयुक्त भी थीं। जब कांग्रेस सरकार सत्ता में आई तो उन्हें सीएम का उप सचिव बनाया गया। धीरे-धीरे वह सीएम की सबसे भरोसेमंद अफसरों में से एक बन गईं। अधिकारियों का मानना है कि सरकार बनने के बाद से न सिर्फ कार्यपालिका बल्कि ज्यादातर राजनीतिक फैसले भी वही लेती थीं। चौरसिया को दिसंबर 2022 में गिरफ्तार किया गया था और उनकी जमानत याचिका उच्च न्यायालय में लंबित है।