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Yoga Mudras For Diabetes: सुस्त जीवनशैली और खानपान की खराब आदतों की वजह से आज व्यक्ति को लाइफस्टाइल से जुड़ी कई समस्याएं परेशान करने लगी हैं। जिसमें एक नाम डायबिटीज का भी शामिल है। डायबिटीज रोग को साइलेंट किलर के नाम से जाना जाता है। डायबिटीज के असंतुलित होने पर व्यक्ति को हार्ट अटैक, ब्लड प्रेशर, कैंसर, किडनी फेल्योर जैसी घातक बीमारियां घेरने लगती हैं। डब्ल्यूएचओ के अनुसार दुनिया भर में करीब 42.2 करोड़ लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं। जिसमें से हर साल 15 लाख लोगों की मौत डायबिटीज के कारण होती है। ऐसे में डायबिटीज को कंट्रोल रखने के लिए व्यक्ति को दवा के साथ एक सही जीवन शैली, व्यायाम और योग करना बेहद जरूरी हो जाता है। अगर आप भी डायबिटीज रोगी हैं और अपनी समस्या को कंट्रोल में रखना चाहते है तो ये 3 योग मुद्राएं आपकी समस्या को कम करने में आपकी मदद कर सकती हैं। योग मुद्राओं को करने से मेटाबॉलिक रेट बढ़ता है, वजन कम होता है और शुगर लेवल कंट्रोल करने में मदद मिलती है।
लिंग मुद्रा-
लिंग मुद्रा का अभ्यास रोजाना करने से व्यक्ति का मेटाबॉलिज्म रेट बढ़ने के साथ वेट लॉस और ब्लड शुगर लेवल कम होता है। इस मुद्रा को करने से हाई बीपी की समस्या से भी छुटकारा मिलता है। आप इस मुद्रा का अभ्यास बैठकर या खड़े होकर, दोनों तरह से कर सकते हैं। इसे करने के लिए अपने हाथों की
सभी उंगलियों को आपस में जोड़ लें। ऐसा करते समय बाएं हाथ के अंगूठे को ऊपर की ओर रखें और दाहिने हाथ के अंगूठे को लॉक करें।
धनुष मुद्रा-
धनुष मुद्रा को करने के लिए सबसे पहले पेट के बल लेटकर अपने पैर को मोड़ते हुए एड़ियों को कूल्हे के पास लाने की कोशिश करें। ऐसा करते समय अपने टखनों को हाथों से मजबूती से पकड़ कर रखें और गहरी सांस भीतर की ओर खीचते हुए अपनी छाती को ऊपर उठाने की कोशिश करें। अब सीधा देखें और अपनी श्वास पर अपना ध्यान लगाने की कोशिश करें। 15-20 सेकंड इसी स्थिति में बने रहें और फिर सांस छोड़ें।
ज्ञान मुद्रा-
ज्ञान मुद्रा को ब्रीदिंग एक्सरसाइज के साथ कर सकते हैं। इस मुद्रा के निरंतर अभ्यास से व्यक्ति का तनाव कम करने में मदद मिलती है। वेट लॉस और ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने के लिए इस मुद्रा को अभ्यास रोजाना करना चाहिए। ज्ञान मुद्रा करते समय अपने अंगूठे से तर्जनी उंगली को स्पर्श करवाते हुए अपनी आंखों को बंद करें और गहरी सांस लें। इस मुद्रा के रोजाना 5 सेट्स कर सकते हैं।