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रायपुर। छत्तीसगढ़ मदरसा बोर्ड में आयोजित जिला उर्दू इंचार्जों की बैठक को संबोधित करते हुए छ.ग.मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष श्री अलताफ अहमद ने कहा कि प्रदेश के पंजीकृत मदरसों को भी शासन की योजनाओं का लाभ मिल रहा है। मदरसों को भी शासकीय स्कूलों की तरह निःशुल्क गणवेश, निःशुल्क पाठ्य पुस्तक, मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। मदरसों को समय पर निःशुल्क पाठ्य पुस्तक एवं निः शुल्क गणवेश मिले यह सुनिश्चित करना जिला उर्दू इंचार्जों की ज़िम्मेदारी है। प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए जिला उर्दू इंचार्जो को श्री अलताफ़ अहमद ने कहा कि प्रदेश के मदरसों में सुधार लावें। विगत चार वर्षों से केन्द्र सरकार द्वारा अनुदान की राशि जारी नहीं की गई है। जिससे मदरसों की हालत ख़राब है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में मदरसों और मदरसा शिक्षकों की स्थिति अच्छी होगी। मदरसे आधुनिक शिक्षा की ओर अग्रसर हैं। राज्य के मदरसों के लिए योजना बना कर आने वाले वर्षों में समस्या का स्थायी हल ढूंढना ज़रूरी है। श्री अहमद ने कहा कि प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री माननीय भूपेश बघेल जी शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूलें और अब अंग्रेजी माध्यम के महाविद्यालय इसका उदाहरण हैं। प्रदेश में स्वामी आत्मानंद अंगे्रजी माध्यम स्कूलों की लोकप्रियता दिनों दिन बढ़ती जा रही है। श्री अहमद ने कहा कि मदरसा शिक्षकों के अनुदान की समस्या के संबंध में प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री माननीय रविन्द्र चैबे जी से चर्चा हुई है , उन्होंने कहा है कि शीघ्र ही इसका निराकरण किया जायेगा। श्री अहमद ने बताया है कि प्रदेश के मदरसों में आधुनिक शिक्षा के विकास हेतु दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन दिनांक 09 एवं 10 अगस्त को रायपुर में होगा। जिसमें प्रदेश भर के मदरसा शिक्षकों के साथ, जिला उर्दू इंचार्ज एवं शिक्षाविद सम्मिलित होंगे। बैठक के प्रारंभ में छ.ग.मदरसा बोर्ड के सचिव डाॅ. इम्तियाज़ अहमद अंसारी ने जिला उर्दू इंचार्जों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। बैठक में विभिन्न जिलों के जिला उर्दू इंचार्ज सहित छ.ग.मदरसा बोर्ड के अधिकारी – कर्मचारी गण तथा श्री तौहीद ख़ान उपस्थित थे।