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वाराणसी :- यूपी के वाराणसी पुलिस का रवैया एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गया है। दरअसल लंका थाने में तैनात महिला रिपोर्टिंग चौकी इंचार्ज अनुभा तिवारी को एंटी करप्शन की टीम ने 10 हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। पकड़े जाने पर महिला दारोगा ने बचने के लिए पूरा कोशिश की, लेकिन उनकी एक न चली। बाद में एंटी करप्शन टीम ने उनके हाथ धुलवाने के बाद अपने साथ कैंट थाने लेकर चली गई।
महिला दारोगा के पकड़े जाने के बाद लंका थाने की नहीं पूरे भेलूपुर सर्कल के पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गई। पुलिसकर्मियों दबी जुबान में चर्चा कर रहे थे कि महिला दारोगा को एक पुलिसकर्मी ने ही अपने गुस्से का शिकार बना दिया। दरअसल, महिला दारोगा अनुभा तिवारी दहेज उत्पीड़न के मामले की एक विवेचना कर रही थीं। इस मामले में बयान लेने के लिए उन्हें दिल्ली जाना था। जिसके लिए वह पीड़िता से 10 हजार की मांग कर रही थीं। एंटी करप्शन टीम के द्वारा पकड़े जाने के बाद महिला दारोगा चिल्ला-चिल्ला कर रही थीं कि उन्हें गलत तरीके से फंसा दिया गया है। पैसा देकर उसे फंसाने वाले 313 मुकदमे में बढ़वाना चाहते थे। हालांकि उनकी एक न चली और एंटी करप्शन टीम उन्हें अपने साथ ले गई। बता दें कि महिला दारोगा साल 2019 में मृतक आश्रित कोटे से नौकरी पाई थी। वहीं, थाने के पुलिसकर्मी इस बारे में कुछ भी बोलने से साफ मना कर दिए।
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