
नई दिल्ली :- नई ई-पे टैक्स सेवा ई-फाइलिंग साइट को डायरेक्ट टैक्स पेमेंट यानी प्रत्यक्ष कर भुगतान से संबंधित कार्यों को सुविधाजनक बनाता है. इसकी मदद से टैक्सपेयर्स चालान स्लिप, पेमेंट और पेमेंट हिस्ट्री को ट्रैक कर सकते हैं. टैक्सपेयर्स नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड और बैंक काउंटर के माध्यम से अपना आईटीआर फाइल कर सकते हैं. इनकम टैक्स की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार ई-पे टैक्स सर्विस के लिए इन बैंकों को ऑथोराइज किया गया है. ई-फाइलिंग पोर्टल पर ई-पे टैक्स सर्विस में डायरेक्ट टैक्स पेमेंट के लिए चालान बनाना अनिवार्य है. हर एक चालान के लिए CRN नंबर होता है. इस बार फाइलिंग की लास्ट डेट 31 जुलाई 2024 है.
अभी ओल्ड टैक्स रिजीम और न्यू टैक्स रिजीम दो तरह की टैक्स रिजीम हैं. दोनों के अपने फायदे या नुकसान हैं. न्यू टैक्स रिजीम, ओल्ड रिजीम के मुकाबले आसान टैक्स स्लैब देती है.
बैंकों की लिस्ट :-
- एक्सिस बैंक
- बंधन बैंक
- बैंक ऑफ बड़ौदा
- बैंक ऑफ इंडिया
- बैंक ऑफ महाराष्ट्र
- केनरा बैंक
- सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया
- सिटी यूनियन बैंक
- डीसीबी बैंक
- फेडरल बैंक
- एचडीएफसी बैंक
- आईसीआईसीआई बैंक
- आईडीबीआई बैंक
- इंडियन बैंक
- इंडियन ओवरसीज बैंक
- इंडसइंड बैंक
- जम्मू एवं कश्मीर बैंक
- करूर वैश्य बैंक
- कोटक महिंद्रा बैंक
- कर्नाटक बैंक
- पंजाब एंड सिंध बैंक
- पंजाब नेशनल बैंक
- आरबीएल बैंक
- साउथ इंडियन बैंक
- भारतीय स्टेट बैंक
- यूको बैंक
- यूनियन बैंक ऑफ इंडिया
- धनलक्ष्मी बैंक
जुड़िये प्रदेश के सबसे तेज न्यूज़ नेटवर्क से 👇🏻
https://chat.whatsapp.com/HjkV5Kqy2MoKMVdSPufHlm