
उपभोक्ता मंच :- उपभोक्ता अब अपने अधिकारियों के प्रति जागरूक हो चुका है. ऐसे कई मामले फोरम में पहुंचे, जिनमें प्रॉडक्ट की कीमत ज्यादा थी या उसमें कोई कमी थी. जिन पर फोरम ने भारी भरकम जुर्माना लगाकर दंडित किया है. ऐसे ही आप भी अपने अधिकारों को प्रति जागरूक रहे. केवल उत्पादों की गुणवत्ता या ख़रीदारी में मिले धोखे के लिए ही उपभोक्ता फोरम से मदद नहीं मिलती, सेवाओं में हुई चूक का भी हर्जाना मांगा जा सकता है. आज हम आपको ऐसे ही कुछ मामलों और उपभोक्ताओं को मिलने वाले अधिकारों के बारे में बता रहे हैं.
कहां करें शिकायत :-
डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर फोरम: शिकायत का मामला यदि 20 लाख रुपये तक का हो.
स्टेट कंज्यूमर फोरम: शिकायत 20 लाख से 1 करोड़ रुपये तक हो.
नैशनल कंज्यूमर फोरम: यदि शिकायत में 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम हो.
यहां कर सकते हैं शिकायत :-
उपभोक्ता फोरम के शिकायत केंद्र में टोल फ्री नंबर 1800114000 पर कॉल कर शिकायत कर सकते हैं. इसके अतिरिक्त core.nic.in पर ऑनलाइन भी शिकायत दर्ज कराया जा सकता है. नैशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन की वेबसाइट https://consumerhelpline.gov.in पर भी शिकायत की जा सकती है. जिला उपभोक्ता फोरम राजनगर गाजियाबाद के पते पर रजिस्टर्ड डाक से भी लिखित शिकायत भेज सकते हैं.
यह मामले आते हैं ज्यादा :-
फोरम में विद्युत निगम संबंधी मामले ज्यादा आते हैं. हेल्थ इंश्योरेंस के मामले दूसरे स्थान पर हैं. अब बिल्डरों और फ्लैट ओनर्स के केस भी तीसरे नंबर पर पहुंच चुके हैं. उपभोक्ता फोरम में वकील की जरूरत नहीं होती है.