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रायपुर/ बिलासपुर। रेल यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा एवं संरक्षित रेल परिचालन दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है । दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने बेहतर यात्री सुविधाओं के लिए निरन्तर कार्यरत है । सभी स्टेशनों पर मापदंड के अनुसार अधिक से अधिक यात्री सुविधाएँ प्रदान की जा रही है । दिव्यांगजनों के प्रति अपने सामाजिक दायित्व तथा कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेल्वे द्वारा दिव्यांग यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशनों एवं ट्रेनों में अनेक दिव्यांग फ्रेंडली यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है । दिव्यांग यात्री बिना किसी अन्य के सहयोग के अपनी जरूरतों के सभी काम आत्मनिर्भरता पूर्वक स्वयं कर सके इसके लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के सभी 319 स्टेशनों में दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए दिव्यांग फ्रेंडली यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है । स्टेशनों एवं ट्रेनों में दिव्यांगजनों को मिलने वाली यात्री सुविधाओं की वजह से दिव्यांग रेल यात्रियों की संख्या में भी दिन प्रतिदिन बढ़ोत्तरी हो रही है ।
दक्षिण पूर्व मध्य रेल्वे में दिव्यांग यात्रियों के लिए उपलब्ध सुविधाएं…
• स्टेशनों एवं प्लेटफार्म पर प्रवेश के लिए विशेष रूप से रैंप तैयार किए गए है जिसकी सहायता से दिव्यांग यात्रीगण आसानी से प्लेटफ़ॉर्म मे प्रवेश कर सकते है । दिव्यांगों को स्टेशन प्लेटफार्म में प्रवेश की सुविधा के लिए 78 स्टेशनों पर रैंप की सुविधा दी गई है । एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफार्म पर आसानी से पहुँचने के लिए 7 स्टेशनों बिलासपुर, अकलतरा, सक्ति, दुर्ग, गोंदिया, डोंगरगढ़ और छिंदवाड़ा में फुट ओवर ब्रिज के साथ रैम्प की सुविधा दी गई है । साथ ही टिकट काउंटरों पर भी रैम्प की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे दिव्यांग यात्रीगण आसानी से टिकट ले सकें ।
• बिना किसी की मदद के बगैर दिव्यांग यात्री आसानी से एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर पहुँच सके इसके लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के 5 स्टेशनों पर 12 एस्केलेटर एवं 9 स्टेशनों पर 22 लिफ्ट की सुविधा उपलब्ध कराई गई है । इसके साथ ही 5 स्टेशनों पर 12 एस्केलेटर एवं 10 स्टेशनों पर 17 लिफ्ट के कार्य स्वीकृत किए गए हैं ।
• पोर्टेबल रैम्प : दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के 19 प्रमुख स्टेशनों पर “दिव्यांग” यात्रियों को ट्रेन में प्रवेश करने की सुविधा के लिए पोर्टेबल रैंप की सुविधा उपलब्ध कराई गई है ।
• दिव्यांग फ्रेंडली शौचालय: दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के 203 स्टेशनों पर “दिव्यांगों” के लिए शौचालय की सुविधा उपलब्ध है ।
• ट्रेनों में दिव्यांगजन के लिए एक अलग कोच की सुविधा प्रदान की गई है । इन कोचों में चौड़े प्रवेशद्वार, चौड़े बर्थ, विशेष शौचालय एवं उसमें व्हील चेयर के लिए निर्धारित स्थान, अतिरिक्त ग्रैब रेल आदि सुविधाएं उपलब्ध है । नए एलएचबी कोचों में अंतिम कोचों को एलएसएलआरडी कोचों को डिजाइन किया गया है, जो कि दिव्यांग अनुकूल कोच है।
• *टेक्टाइल मैप* : दृष्टी बाधित यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के 20 स्टेशनों पर “दिव्यांग” यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दिशानिर्देशों के लिए टेक्टाइल मैप की सुविधा प्रदान की गई है । इसमें ब्रेल लिपि में मेटल के विशेष प्रकार से बने स्टीकर लगाये गए है जिनको छूकर दृष्टी बाधित यात्री रेलवे से संबन्धित नियमों, सूचनाओं, सुविधाओं की जानकारी को हाथ से छूकर समझ सकते है । बिलासपुर एवं नागपुर के बीच शुरू की गई वंदेभारत एक्सप्रेस में प्रत्येक सीट के हैंडल में ब्रेल लिपि नंबर लिखे हुए है । इसके साथ ही इस ट्रेन में दिव्यांग फ्रेंडली शौचालय की सुविधा उपलब्ध कराई गई है ।
• रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधा, सूचना, जानकारी एवं घोषणाओं को दृष्टी दिव्यांग यात्रियों की सुविधा के लिए हर आने-जाने वाले गाड़ी की सूचना, कोचो की स्थिति, एवं प्लेटफार्म नंबर आदि को लगातार लाउड स्पीकरों द्वारा उद्दघोषणा की जाती है ।
• श्रव्य दिव्यांग यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हर आने-जाने वाले गाड़ी की सूचना, कोचो की स्थिति एवं प्लेटफार्म नंबर, कोचो के सीक्वेंस सभी जानकारियां, ट्रेनों के समय आदि का एलईडी ट्रेन डिस्प्ले बोर्ड, कोच इंडिकेशन बोर्ड, द्वारा डिस्प्ले की जाती है ।
• दिव्यांगों को स्टेशनों पर शीतल पेयजल प्राप्त करने के लिए अलग से विशेष ड्रिंकिंग वाटर काउंटर भी मुहैया कराई गई है ।
• दिव्यांगों, वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के 8 स्टेशनों बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग, रायगढ़, गोंदिया, राजनांदगांव, डोंगरगढ़ एवं इतवारी में बैटरी आपरेटेड कार की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
• दिव्यांगों की सुविधा को ध्यान मे रखते हुए 202 स्टेशनों पर व्हील चेयर एवं स्ट्रेचर आदि की भी व्यवस्था स्टेशनों पर निःशुल्क दी गई है ।
• फीडबैक के लिए पब्लिक ग्रीवान्स पोर्टल, रेल मदद, हेल्पलाइन नं139 से सुझाव/प्रतिक्रिया प्राप्त होती है । प्राप्त फीडबैक के आधार पर, जहां भी आवश्यक और व्यवहार्य पाया गया, उपचारात्मक कार्रवाई की जाती है।