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आज के युग में विज्ञान में प्रगति करके उन सभी पुरानी चीजों को बदल कर नए अविष्कार कर दिए है, जिनसे मेहनत और समय की ज्यादा खपत होती थी. आपने सुना या देखा होगा कि पुराने जमाने में लोग खाना बनाने के लिए घर में मिट्टी के चूल्हों का इस्तेमाल करते थे। इन चूल्हों से प्रदूषण भी ज्यादा होता और मेहनत भी अधिक लगती थी. ऐसे में अब इनकी जगह एलपीजी गैस सिलेंडर आ गए हैं. आज देश के हर घर में लगभग एलपीजी का यूज किया जाता है. जिनके घर में एलपीजी नहीं है उन्होंने भी जरूर कहीं ना कहीं एलपीजी गैस का सिलेंडर देखा ही है. आपने कभी गौर किया कि एलपीजी सिलेंडर की टंकी, एजेंसी, ट्रक और एलपीजी से जुडी अन्य चीजों का रंग लाल क्यों होता है ? इसके पीछे क्या कारण हो सकता है, आइए हम बताते हैं आपको वो कारण। दरअसल एलपीजी गैस के सिलेंडर का रंग लाल होने के पीछे एक वैज्ञानिक कारण है. लाल रंग को हम खतरे का प्रतीक मानते हैं और एलपीजी गैस सिलेंडर भी एक ज्वलनशील पदार्थ है जो खतरे से भरा हुआ है. इसलिए एलपीजी गैस सिलेंडर पर लाल रंग का प्रयोग करके इसके खतरे को बताया जाता है। एलपीजी गैस को लाल रंग से रंगा जाता है. लेकिन कई अन्य गैसों से भरे सिलेंडरों को भी विभिन्न प्रकार के रंगों से रंगा जाता है. जैसे आक्सीजन के सिलेंडर को सफेद रंग से, नाइट्रस ऑक्साइड के सिलेंडर को को नीले रंग से, जिसमे जहरीली गैस होती है उन्हें पीले से, कार्बन-डाई-ऑक्साइड गैस वाले सिलेंडर को ग्रे रंग से,नाइट्रोजन गैस वाले सिलेंडर को काले रंग से और हीलियम गैस के सिलेंडर को भूरे रंग में रंगा जाता है। सिलेंडर में कौन सी गैस है, इसकी पहचान करने के लिए आप उसका रंग देख लीजिए. जिससे आपको गैस के बारे में पता चल जाएगा. आज के इस कंपटीशन के जमाने में कई बार विद्यार्थियों से सवाल पूछे जाते हैं लेकिन इन बातों पर गौर ना करने के कारण परीक्षार्थी ऐसे सवालो का जवाब नहीं दे पाते हैं. जिस कारण वो फेल हो जाते हैं।