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रायपुर :- जिला एक निर्यात केन्द्र बनाने के लिए कार्यशाला आयोजितजिला एक निर्यात केन्द्र बनाने के लिए कार्यशाला आयोजितछत्तीसगढ़ राज्य में जिला को निर्यात केन्द्र बनाने के लिए आज एक निजी होटल में भारत सरकार वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय डायरेक्टरेट जनरल ऑफ़ फॉरेन ट्रेड (डीजीएफटी) एवं जिला प्रशासन रायपुर के संयुक्त तत्वाधान में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अबिनाश कुमार मिश्रा और विदेश व्यापार नागपुर के अपर महानिदेशक डॉ.व्ही.श्रमन की अध्यक्षता में किया गया। डीजीएफटी नागपुर के अंतर्गत 49 जिले शामिल है। इनमें महाराष्ट्र के 12 और मध्यप्रदेश के 04 और छत्तीसगढ़ के 33 जिलों को एक निर्यात केन्द्र में बदलने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया था।
जिला एक निर्यात केन्द्र बनाने के लिए कार्यशाला आयोजित जिला पंचायत रायपुर के सीईओं श्री अबिनाश मिश्रा ने कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य को धान का कटोरा के नाम से जाना जाता है। यहां बड़ी संख्या में किसान धान की पैदावार करते हैं। छत्तीसगढ़ राज्य बहुत तेजी से आर्थिक उन्नति की ओर अग्रसर हो रहा है। रायपुर में भी पहले की अपेक्षा वर्तमान में व्यापार में तेजी आई है और बड़े बाजार के रूप में उभर कर रायपुर आगे बढ़ रहा है। राज्य में भी चावल के साथ स्टील, एल्युमिनियम, लोहा के साथ वन संपदा भरपूर मात्रा में पाई जाती है अब विदेशों से भी इसकी मांग की जा रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य को औद्योगिक रूप के साथ आगे बढ़ाने के साथ ही छोटे एंव मध्यम उद्योग को बढ़ावा दिया जाना है। ताकि लोगों को स्थानीय स्तर बेहतर रोजगार मिल सके। कार्यशाला का उद्देश्य है कि राज्य के अन्य सामग्रियों को भी विदेशों में निर्यात करके बढ़ावा दिया जाए। श्री व्ही. श्रमन ने अपने सम्बोधन में कहा कि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए नागपुर के अंतर्गत वर्तमान में 49 जिला को निर्यात केन्द्र को बनाया गया है।